Quantom computer kya hai ? Best information in Hindi with Recent updates in 2020

quantom computer
  • आज के समय में इंसान अपने ज्यादातर कार्यो के लिए कम्प्यूटर्स पर ही निर्भर है बैंकिंग सिस्टम से लेकर स्पेस एक्सप्लोरेशन और मेडिकल फील्ड से लेकर सोशल नेटवर्किंग प्लैटफॉर्म्स यह सभी कम्प्यूटर्स के बिना संभव नहीं है | आज हम अपने आस पास जो भी कम्प्यूटर्स देखते है और इस्तेमाल करते है चाहे वह आपका लैपटॉप हो डेस्कटॉप हो या फिर आपका मोबाइल फ़ोन हो यहाँ तक की आज के सुपर कम्प्युटर्स  भी सभी क्लासिकल कम्प्यूटर्स कहलाते है और ये तमाम उदहारण कंप्यूटर तकनीक में हुए दशको के विकास का ही नतीजा है | 
  • कुछ दशकों पहले तक एक कंप्यूटर का आकर एक कमरे के आकर से भी बड़ा हुआ करता था जिसे आज तकनीक ने हमारे हथेलियों तक लाकर सिमटा दिया है | बावजूद इसके क्लासिकल कम्प्यूटर्स की कुछ सीमाएं है जैसे स्पीड , स्टोरेज , पावर कंसम्पशन इत्यादि क्लासिकल कम्यूटर्स के मार्ग में वो बाधायें है जिन्हे शायद क्लासिकल कम्प्यूटर्स कभी पर नहीं कर सकते  यही से शुरुआत होती है quantom computer की इसीलिए अपने इस आर्टिकल में हम जानेंगे quantom computer और quantom computers से सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण चीजों के बारे में जिनके बारे में आम तौर पर लोगो को पता नहीं होता है | 

Quantom computer क्या है ?

Quantom computer
  • quantom computer सामान्य bits के स्थान पर qbits का इस्तेमाल करते है जो क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतो पर कार्य करते है इसीलिए यह क्लासिकल कम्प्यूटर्स से लाखो गुना तेज़ होते है आगे इस आर्टिकल में हम देखेंगे की quantom computer कैसे कार्य करते है और यह क्लासिकल कम्प्यूटर्स की अपेक्षा क्यों लाखो गुना तेजी से कार्य करते है | चलिए हम quantom computer को समझने से पहले क्वांटम फिजिक्स शब्द को समझने का प्रयास करते है | आज हम जिस दुनिआ को खुली आँखों से देखते है ,महसूस करते है फिर वो चाहे चींटी हो या हाथी हो यहाँ फिजिक्स के जो सिद्धांत लागू होते है उनका अध्ययन क्लासिकल फिजिक्स के अंतर्गत आता है वही क्वांटम फिजिक्स वह सूक्ष्म दुनिया है जहां इलेक्ट्रान ,प्रोटॉन जैसे अत्यंत सूक्ष्म पार्टिकल्स के व्यवहार को समझने का प्रयास किया जाता है उसे क्वांटम फिजिक्स कहा जाता है यहाँ यह बताना समीचीन होगा की क्लासिकल फिजिक्स के सिद्धांत क्वांटम फिजिक्स पर लागू नहीं होते है और क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतो का इस्तेमाल कर जिन कम्प्यूटर्स को बनाया जाता है वे quantom computers कहलाते है | 

quantom computer कैसे कार्य करते है?

  • quantom computer की कार्यप्रणाली को समझने से पहले हमें यह समझना होगा की वर्तमान समय के हमारे कम्प्यूटर्स अर्थात क्लासिकल कम्प्यूटर्स बाइनरी सिस्टम पर आधारित होते है जो bits पर कार्य करते है bits डाटा की सबसे छोटी इकाई होती है बाइनरी कंप्यूटर में किसी भी तरह के कैलकुलेशन को करने के लिए प्रोसेसर ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल करता है यहाँ हर ट्रांजिस्टर या तो ऑन स्टेट में हो सकता है या तो ऑफ स्टेट में | यह 0 या 1 के रूप में निरूपित होती है जहाँ 0 ट्रांज़िस्टर के फ्लो का ऑफ़ होना और 1 ट्रांजिस्टर के फ्लो के ऑन होने का संकेत है bits के मामले में यह एक समय में किसी एक ही स्टेट में exist कर सकता है अर्थात या तो यह 0 हो सकता है या तो यह 1 हो सकता है |  
  • किसी भी प्रोग्राम के अगले स्टेप में क्या कैलकुलेट करना है ये भी  इसी 0 या 1 के इस्तेमाल से ही तय होता है | इसे हम एक उदाहरण से और अच्छे से समझ सकते है हम जानते है की 1 byte में 8 bits होते है तब 1 byte डाटा को क्लासिकल कम्प्यूटर 10001001 के रूप में समझेगा | 1024 bytes 1 kb , और 1024 kb 1 mb के बराबर होता है 
  • वहीं दूसरी ओर quantom computers qbits का इस्तेमाल करता है जो एक ही समय में 0 अथवा 1 अथवा दोनों ( 01 ) या यू कहे दोनों के मध्य किसी भी अवस्था में हो सकता है जो quantom computer की स्पीड को लाखो गुना तक बढ़ा देता है | जब तक इन qbits को observ नहीं किया जाता वो एक ही साथ सभी संभव अवस्थाओं में होता है जिसे spinning state कहा जाता है | इन spinning qbits के state को bits के भांति 0 या 1 से निरूपित करने के बजाय up  down और both  नाम के तीन state से मापा जाता है इन qbits की कार्यप्रणाली क्वांटम फिजिक्स के superposition phenomenon पर आधारित होती है ये qbits quantom entanglement के माध्यम से बिना किसी माध्यम के भी एक दूसरे को प्रभावित करते है | 

superposition phenomenon

  • क्वांटम फिजिक्स में double slit experiment से ये सिद्ध किया जा चूका है की जब क्वांटम पार्टिकल्स को observe किया जाता है तब वे पार्टिकल की तरह और जब observe न किया जा रहा हो तब wave की तरह व्यवहार करता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि असल में क्वांटम पार्टिकल्स न तो wave होते है और न ही पार्टिकल्स बल्कि वो एक साथ अपने हर संभव अवस्था में होता है और जैसे ही उन्हें observe किया जाता है तब यह wave function collapse हो जाता है और अंत में हमें वही अवस्था प्राप्त होती है | 

quantom entanglement

  • जब किसी entangled particle को observe  नहीं किया जाता तो वह waveform में superposition state में होता है अर्थात उसका spin up और down एक साथ होता है पर जब हम उन्हें observe करते है तो यदि एक का spin हमें up मिलता है तो दूसरे का spin निश्चित रूप से down मिलेगा और यदि पहले का spin हमें down मिलता है तो दूसरे का spin निश्चित रूप से up ही मिलेगा यहाँ सूचनाओं का अदन प्रदान तुरंत और लाइट की स्पीड से भी अधिक तेज़ी के साथ होता है  इसे quantom entanglement कहा जाता है | 

quantom supermacy क्या है ?

  • quantom supermacy शब्द सर्वप्रथम 2012 jhon preskill ने दिया था जो california institute of technology में theoritical physics के प्रोफेसर थे | 
  • सरल शब्दों में समझे तो quantom supermacy से आशय क्वांटम कंप्यूटिंग द्वारा वह स्पीड प्राप्त कर लेना है जो वर्तमान समय के सबसे तेज़ सुपरकम्प्युटर से भी हज़ारो या लाखो गुना ज्यादा हो | दूसरे शब्दों में कहे तोह क्वांटम कंप्यूटिंग से व्यावहारिक रूप से इतनी स्पीड प्राप्त कर लेना जो क्लासिकल कंप्यूटर से संभव न हो उसे ही quantom supermacy कहा जाता है | 

Google vs Ibm Controversy

  • google और IBM के मध्य विवाद के दौरान quantom supermacy शब्द चर्चा का विषय बना रहा जब google ने अपने क्वांटम कंप्यूटर Sycamore के quantom supermacy की घोषणा करते हुए कहा की क्वांटम कंप्यूटर sycamore ने उन complex equations को solve करने में केवल 200 सेकंड्स का वक़्त लिया जिसे solve करने में summit जो IBM निर्मित विश्व का सबसे fastest सुपरकम्प्युटर है को लगभग 10000 साल लग जाते | हालांकि बाद में IBM ने  अपने एक ब्लॉग में यह कहा की गूगल द्वारा बताया गया वक़्त सही नहीं है और यह same task 2.5 दिनों में परफॉर्म किया जा सकता है | ऐसे में  ये आप पर निर्भर करता है की quantom supermacy को किस तरह देखते है | 

Recent developments

  • वर्तमान समय में दुनिया की कई बड़ी कम्पनीयों ने क्वांटम कंप्यूटिंग को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में अरबो डॉलर्स का निवेश किया है जिनमे से कुछ प्रमुख डेवलपमेंट्स की चर्चा हम इस आर्टिकल में करेंगे | accenture और quantum software firm 1 Qbit ने Biogen के साथ collaborate किया है अपने तरह का प्रथम Quantom enabled molecular comparision application develop करने के लिए जिसकी सहायता से काम्प्लेक्स न्यूरोलॉजिकल बीमारियां जैसे sclerosis ,Alzheimers ,और parkinsons की दवाइयाँ विकसित करने में मदद मिलेगी | 
  • amazon braket single environment उपलब्ध करा रहा है क्वांटम एल्गोरिथम डिज़ाइन करने के लिए जिसे सिमुलेटेड क्वांटम कम्प्यूटर्स पर Test किया जा सकता है | 
  • AT&T नवाचार फॉउंडरी कैलिफ़ोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में कार्य कर रहा है जिसका उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकी विकास और व्यावहारिक अनुप्रयोगों को गति देने के लिए उद्योग ,सरकार ,और शिक्षाविदों को साथ लाना है | 
  • इनके अलावा google ,IBM ,microsoft जैसी कई बड़ी कंपनियां क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में कार्य कर रहे है | 

भविष्य में quantom computer

  • आने वाले समय में quantom computer वर्तमान प्रणाली को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है जिसके कुछ प्रमुख उदहारण हम इस आर्टिकल में देखेंगे | 

ऑनलाइन सिक्योरिटी

  • ऑनलाइन सिक्योरिटी के सन्दर्भ में अच्छी और बुरी दोनों ही बातें होने के कयास लगाए जा रहे है | बुरी बात यह है quantom computer के एडवांसमेंट से हमारा वर्त्तमान ऑनलाइन सिक्योरिटी सिस्टम प्रभावी नहीं रह पायेगा क्योंकि वर्तमान के अधिकांश ऑनलाइन सुरक्षा विधियां इस तथ्य पर भरोसा करते है की आज के कम्प्यूटर्स को सिक्योरिटी सिस्टम को crack करने के लिए असाधारण समय लगता है चूँकि quantom computer की स्पीड वर्तमान कम्प्यूटर्स से लाखो गुना तेज़ होती है अतः ऐसे सिस्टम्स को हैक करना quantom computers के लिए काफी आसान होगा | अच्छी बात यह है की quantom encription methods के विकास के बाद quantom key distribution जैसे अल्ट्रा सिक्योर कम्युनिकेशन उपलब्ध होंगे जिन्हे भेदना लगभग नामुमकिन होगा | 

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस

  • ऐसा माना  जा रहा है की quantom computer के विकास का सबसे ज्यादा प्रभाव आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पर पड़ेगा और क्वांटम कम्प्यूटर्स के अत्यधिक तेज़ स्पीड और डाटा प्रोसेसिंग क्षमता के कारण आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस लगभग इंसानो की तरह सोचने में सक्षम होंगे और इतने एडवांस्ड आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के साथ हम वह सब कार्य करने में सक्षम होंगे जो आज के समय में संभव नहीं है उदहारण के लिए यहाँ से कई लाइट इयर्स दूर तक का भी स्पेस एक्सप्लोरेशन संभव होगा | 

ड्रग डेवलपमेंट

  • quantom computer की असाधारण क्षमता के कारण इनकी सहायता से complex cemical reaction मॉडल्स को सिमुलेट किया जा सकेगा जो आज के कम्प्यूटर्स के लिए काफी मुश्किल कार्य है | जुलाई 2016 में गूगल ने क्वांटम कंप्यूटर की सहायता से हाइड्रोजन के मोलेक्युल्स को सेम्युलेट किया उसके बाद IBM ने भी ऐसे कई काम्प्लेक्स मोलेक्युल्स को सेम्युलेट किया है| भविष्य में ऐसे कई नए मोलेक्युल्स का प्रयोग कई गंभीर बीमारियों के लिए दवाई बनाने के अलावा अन्य विभिन्न क्षेत्रो में भी किया जा सकेगा | 
  • इसके अलावा भी कई अन्य कार्य जैसे मौसम पूर्वानुमान अधिक शुद्धता के साथ किये जा सकेंगे ,ट्रैफिक कंट्रोलिंग सिस्टम जैसे कार्य अधिक accuracy के साथ किये जा सकेंगे | 

क्वांटम कम्प्यूटर्स के लिए चुनौतियाँ

  • हम देख चुके है की भले ही आज क्वांटम कम्प्यूटर्स के समक्ष कई चुनौतियां विद्यमान है पर भविष्य में क्वांटम कम्प्यूटर्स ही राज करेंगे | 
  • वर्तमान समय में जो क्वांटम कम्प्यूटर्स विकसित किये जा रहे है उन्हें कार्य करने के लिए absolute zero तापमान पर बनाये रखना पड़ता है जिसमे अधिक energy consumption की ज़रूरत पड़ती है | इसके अलावा ऑनलाइन सिक्योरिटी से सम्बंधित समस्या के बारे में हम पहले ही बात कर चुके है |
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